Sunday, November 1, 2015

वाइस एडमिरल करमबीर सिंह, एवीएसएम ने नौसेना स्टाफ (सीसीएनएस) के उपप्रमुख का कार्यभार ग्रहण किया

वाइस एडमिरल करमबीर सिंह, एवीएसएम ने आज 31 अक्टूबर 2015 को नौसेना स्टाफ (सीसीएनएस) के उपप्रमुख का कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने वाइस एडमिरल आर के पटनायक, पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम का स्थान लिया जिन्होंने भारतीय नौसेना में 38 साल की गौरवपूर्ण सेवाएं प्रदान की। 

वाइस एडमिरल करमबीर सिंह, एवीएसएम राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़कवासला के पूर्वछात्र हैं। जुलाई, 1980 में भारतीय नौसेना से जुड़ने के बाद एडमिरल ने 1982 में हेलीकॉप्टर पायलेट बने और बड़े पैमाने पर चेतक, कमोव 25 व कमोव 28 एंटी सबमरीन वारफेयर हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं। उन्होंने डीएसएससी, वेलिंग्टन, कॉलेज ऑफ नेवल वारफेयर, करनजा से स्नातक किया है दोनों ही संस्थानों के निदेशकों द्वारा प्रतिष्ठा अर्जित की है।

35 साल के अपने कार्यकाल में एडमिरल भारतीय तटरक्षक बल जहाज चांदबीबी, मिसाइलवाहक पोत विजयदुर्ग को निर्देशित किया है साथ ही साथ निर्देशित मिसाइल विध्वंसक राना व दिल्ली में अपनी सेवाएं दी हैं। वह पश्चिमी बेड़े में बेड़ा संचालक अधिकारी के तौर पर भी प्रतिष्ठित रहे हैं। स्थल पर एडमिरल ने नेवल एयर स्टाफ के संयुक्त निदेशक, कैप्टन एयर व नेवल एयर स्टेशन कुंजाली के कार्यवाहक अधिकारी रहे हैं। फ्लैग रैंक में पदोन्नति के बाद वह पूर्वोत्तर नौसेना कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ रहे हैं। उनकी अन्य फ्लैग नियुक्तियां अंडमान व निकोबार द्वीप के एकीकृत कमांड का प्रमुख व महाराष्ट्र व गुजरात क्षेत्र के फ्लैग अधिकारी के रूप में रही हैं।

वाइस एडमिरल के ओहदे पर रहते हुए वह सीबर्ड परियोजना के महानिदेशक रहे हैं। उहें माननीय भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रतिष्ठित अति विशिष्ठ सेवा मेडल (एवीएसएम) प्रदान किया गया है। 

एडमिरल गोल्फ, साइकिलिंग, दौड़ व तैराकी के एक उत्साही खिलाड़ी हैं। वह भारतीय नौसेना के ‘ग्रे इगल’ (वरिष्ठ कार्यकारी नौसेना वायुयान चालक) भी हैं।

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