Friday, December 1, 2017

श्री एस. के. चौरसिया की महानिदेशक, आयुध निर्माणी एवं अध्‍यक्ष, आयुध निर्माणी बोर्ड, के रूप में नियुक्‍ति‍

श्री सुनील कुमार चौरसिया, आईओएफएस को 1 दिसंबर, 2017 से नए महानिदेशक, आयुध निर्माणी (डीजीओएफ) एवं अध्‍यक्ष, आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफडी) के रूप में नियुक्‍त किया गया है। इससे पहले वह सदस्‍य, आयुध निर्माणी थे तथा सामग्री एवं कलपुर्जा विभाग का कार्यभार देख रहे थे।

जबलपुर से यांत्रिक इंजीनियरिंग में स्‍नातक की डिग्री लेने के पश्‍चात उन्‍होंने आईआईटी खड़गपुर से एम टेक की डिग्री ली और श्री चौरसिया ने 1981 में भारतीय आयुध निर्माणी सेवा में पर्दापण किया।

रक्षा मंत्रालय का दिव्यांग पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं और शहीदों के बच्चों के कल्याण के लिए योगदान में जनता को प्रोत्साहित करने हेतु सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाने का विशेष अभियान।

1949 से शहीदों और देश के सम्मान की रक्षा के लिए हमारी सीमाओं पर लडने वाले सैनिकों के सम्मान हेतु पूरे देश में हर साल 7 दिसम्बर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है। ऐसे दिव्यांग पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं, शहीदों के बच्चों और अन्य ऐसे लाभार्थियों को मदद करने के लिए सशस्त्र बल झंडा दिवस कोष की स्थापना 1993 में की गई थी जिन्हें हमारी देखभाल और सहायता की आवश्यकता है।

Observance of ‘Armed Forces Flag Day’ on 7th December, 2017

No.B-11011/1112017-Ad-II

Government of India/Bharat Sarkar
Ministry of Home Affairs/Grih Mantralaya

North Block, New Delhi-110001
Dated the 30th November, 2017

Office Memorandum

Sub: Observance of ‘Armed Forces Flag Day’ on 7th December, 2017 – Regarding.

It has been decided to observe the 7th December, 2017 (Thursday) as ‘Armed Forces Flag Day’ throughout the country. Kendriya Sainik Board, Ministry of Defence has requested for raising funds through distribution of Token flags, booklets and brochures and collection of contributions by volunteers from amongst the staff of the Ministry for the noble cause of support to the families of our martyrs, the disabled ex-servicemen and their dependents.

Tuesday, November 28, 2017

सैन्य कर्मियों की तलाकशुदा बेटियों को भी परिवारिक पेंशन की सुविधा मिलेगी, वैसी स्थिति में भी जब तलाक की अर्जी माता-पिता के जीवनकाल में ही दाखिल की गई हो

सितंबर 2015 में जारी रक्षा मंत्रालय के एक पत्र के अनुसार, वर्तमान में केवल उन्ही बच्चों को परिवारिक-पेंशन का पात्र माना जाता है जो माता-पिता पर आश्रित हैं और सरकारी कर्मचारी या उसकी पत्नी/पति के मृत्यु के समय अन्य शर्ते को पूरा करते हैं। इसी संदर्भ में, तलाकशुदा बेटियाँ परिवारिक-पेंशन के योग्य हैं जो अन्य शर्ते पूरा करती हों यदि सक्षम न्यायालय ने उनके माता व पिता में से किसी एक के जीवन काल में तलाक का निर्णय दिया हो।

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